Bhartiya Samachar
अन्य गुन्हा धार्मिक राजकीय राष्ट्रीय संपादकीय

राजस्थान का सबसे बड़ा प्रधान चुनाव यहां: पिछली बार के चुनाव में करीब साढ़े 5 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, इस बार भी बड़े नेता चुनाव लड़ रहे

अलवर2 घंटे पहले

कॉपी लिंकबलवीर सिंह छिल्लर की पत्नी प्रेम और बलवान सिंह यादव की पत्नी संतोष देवी। - Dainik Bhaskar

बलवीर सिंह छिल्लर की पत्नी प्रेम और बलवान सिंह यादव की पत्नी संतोष देवी।

अलवर में पंचायत चुनाव चल रहे हैं। इसमें कुल 16 प्रधान चुने जाएंगे। यहां प्रधान की सबसे हॉट सीट नीमराणा है। जिसकी वजह है पिछला प्रधान का चुनाव। तब करीब साढ़े 5 करोड़ रुपए चुनाव में खर्च हुए थे। इस खर्चे की कोई पुष्टि नहीं करता है। लेकिन राजनीतिक लोगों को सब पता है। इस बार भी चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के बड़े चेहरे यहां से मैदान में हैं। जबकि अन्य जगहों की तुलना में नीमराणा पंचायत समिति का एरिया कम है। यहां केवल 19 वार्ड हैं। पिछली बार यहां महिला सीट थी। इस बार भी महिला प्रधान बनेगी।

भाजपा के जिलाध्यक्ष की पत्नी मैदान मेंभाजपा के जिलाध्यक्ष बलवान सिंह यादव की पत्नी संतोष देवी वार्ड 15 से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा की तरफ से प्रधान का यही सबसे बड़ा चेहरा हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस से बलवीर सिंह छिल्लर की पत्नी प्रेम वार्ड 8 से चुनाव मैदान में हैं। बलवीर छिल्लर वार्ड खुद किशनगढ़बास में वार्ड 49 से जिला पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं उनकी पत्नी नीमराणा से डेलीगेट के लिए चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से कमलेश देवी वार्ड नौ, कल्पना शर्मा वार्ड 11 से चुनाव मैदान में हैं। ये दोनों भी प्रधान की दावेदार बताई जा रही हैं। संभवतया इन तीनों में से किसी को टिकट मिल सकता है। फिलहाल यह चुनाव परिणाम के आने से पहले का गणित है। चुनाव में हार-जीत के बाद स्थिति बदल सकती हैं। इनमें से किसी की सीट फंसी तो अन्य पर भी दांव खेला जा सकता है।

सबसे महंगा चुनाव नीमराणा मेंनीमराणा में सबसे महंगा चुनाव होता रहा है। असल में यहां अधिकतर प्रत्याशी आर्थिक रूप से मजबूत हैं। चुनाव में किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण चुनाव अधिक महंगा हो जाता है। पिछली बार तो निर्दलीय प्रत्याशी ने चुनाव जीता था। जिसका पार्टी के डेलीगेट समर्थन में उतरे आए थे। चुनाव में खर्च ज्यादा नहीं होता है। लेकिन जब प्रधान बनाया जाता है तो डेलीगेट को समर्थन में लेने का मोटा खर्च होता है। जिसका कोई हिसाब नहीं रहता। न कोई इसकी पुष्टि करता है। लेकिन राजनेताओं के जरिए ही असली खर्च का बाद में पता लग जाता है।

फिर हो सकता है महंगाइस बार भी नीमराणा से 19 सीट में से किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो चुनाव महंगा हो सकता है। इस बार भी नीमराणा से चार से 5 निर्दलीय के जीतने की पूरी संभावना है। वैसे भाजपा व कांग्रेस में बराबर का मुकाबला बताया जा रहा है। दोंनों के बीच एक-दो सीट का अंतर ही रह सकता है। पूरा खेल निर्दलीयों पर आ टिक सकता है। नीमराणा का आधा हिस्सा बहरोड़ में आता है आधा मुण्डावर में। इस कारण बहरोड़ विधायक बलजीत यादव व मुण्डावर से कांग्रेस नेता ललित यादव का कांग्रेस का प्रत्याशी बनाने में बराबर का रोल रह सकता है। भाजपा जिलाध्यक्ष बलवान यादव की पत्नी खुद चुनाव मैदान में है।

प्रत्याशी की घोषणा जल्दीयहां से प्रत्याशी की घोषणा भी जल्दी हो सकती है। ताकि आगे की रणनीति बनाने में पूरा समय मिल सके। आज या कल में पार्टियों की ओर से किसी एक या दो चेहरे अन्दरुनी तौर पर साफ हो सकते हैं। जो आगे प्रधान की तैयारी में लग जाएंगे।

यहां भी बनेंगे प्रधानपहले चरण में बहरोड़ व तिजारा भी हॉट सीट है। यहां भी कई बड़े चेहरों की दावेदारी है। वहीं विधायकों की साख का भी सवाल है। कोटकासिम व मुण्डावर में अन्य जगहों की तुलना में चुनाव में कम खर्च आता है।

खबरें और भी हैं…

Related posts

स्कूटी की चाबी पाकर खुश हुई छात्राएं: आसान होगी कॉलेज जाने की राह, MLA बोले- अभिभावक बेटियों को बोझ़ नहीं समझें, बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में बेटों से भी आगे

cradmin

कुएं में डूबने से तेंदुए की मौत: 46 घंटे बाद निकाला मादा तेंदुए का शव, जगह-जगह से बाहर आई चमड़ी

cradmin

मारपीट कर 80 हजार रुपए लूटे: बदमाशों ने घर से बुलाकर मारपीट कर मोबाइल और पैसे छीने, अधमरी हालत में छोड़ गए

cradmin

Leave a Comment